महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निशुल्क ड्राइविंग प्रशिक्षण योजना की शुरुआत


निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग / विधवा / परित्याग तथा आर्थिक दृष्टि से कमजोर एवं कोविड प्रभावित परिवारों की महिलाओं को उक्त प्रशिक्षण चयन में प्राथमिकता दी जाएगी।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए परिवहन विभाग महिलाओं को एलएमवी (हल्के मोटरवाहन चालन) की नि:शुल्क ट्रेनिंग धार आईटीआई में दिलवाएगा। इसके लिए 20 जुलाई से नए बैच की शुरुआत की जाएगी, जो कि 30 दिनों तक चलेगी।

 इस योजना में 30 महिलाओं ने पहुंच कर लिया प्रशिक्षण मध्य प्रदेश की सड़कों पर अब कमर्शियल वाहन चलाती हुई दिखाई देंगी महिला ड्राइवर। इस काम और रोजगार के लिए मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग ने बीड़ा उठाया है। आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के तहत परिवहन विभाग की ओर से अनूठी पहल करते हुए महिला सशक्तिकरण अभियान के तहत हर जिले में चयनित महिलाओं को टैक्सी व अन्य वाणिज्यिक वाहन चलाने का निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।


झांसी रोड पर स्थित पॉलिटेक्निकल कॉलेज में महिलाएं को स्वावलंबी आत्मनिर्भर और महिला सशक्तिकरण की मिसाल बने। इस अभियान के लिए मध्यप्रदेश शासन के परिवहन विभाग की निशुल्क प्रशिक्षण देने की योजना के तहत ग्वालियर में भी चयनित महिलाओं को निःशुल्क ड्राइविंग प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूआत की गई है। इसके तहत महिलाओं और युवतियों को हल्के चार पहिया वाहन यानी कि लाइट मोटर व्हीकल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिससे कि महिलाएं स्वावलंबी बन सकें। इतना ही नहीं उनको प्रैक्टिकल और थ्योरी दोनों तरह के प्रशिक्षण दिए जाने का प्रावधान किया गया है। साथी इन सभी महिलाओं के परिवहन निशुल्क ड्राइविंग लाइसेंस भी बना कर देगा जिसमें महिला प्रशिक्षक बतौर महिला आरटीओ भी अपना योगदान दे रही हैं। 

महिलाओं ने लिया निशुल्क ड्राइविंग प्रशिक्षण


जहां इस निशुल्क ड्राइविंग प्रशिक्षण योजना के तहत ग्वालियर की 30 महिलाओं को आज से 1 माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा जिसके लिए महिलाएं भी उत्साहित दिखाई दे रही हैं। ड्राइविंग का प्रशिक्षण लेने आई महिलाओं का कहना है कि परिवहन द्वारा महिलाओं के लिए चालू की गई यह योजना एक अच्छी पहल है। इस योजना के कारण हम जैसी महिलाओं को आत्मनिर्भर और रोजगार के काबिल बन सकेंगी।


स्वरोजगार के क्षेत्र में महिलाओं को ड्राइविंग के माध्यम से एक माह का प्रशिक्षण आई टी आई झाबुआ के माध्यम से दिया जा रहा है। प्रथम सत्र में 30 महिलाओं के लिए यह सत्र आयोजित था। जिसका प्रशिक्षण लगभग पूर्ण हो चुका है। एक दो दिवस में महिलाओं को हाइवे पर वाहन चलाना शेष है। इसके पश्चात् आर टी ओ के माध्यम से इन्हें ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान किया जाएगा। आज जिला परिवहन अधिकारी श्रीमती कृतिका मोहटा के द्वारा महिलाओं से वाहन चलवाकर देखा गया। इसके पश्चात् बैंको के माध्यम से इन्हें स्वरोजगार योजना के तहत इन्हें वाहन दिलवाकर स्वरोजगार हेतु आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
कलेक्टर सोमेश मिश्रा के द्वारा पूर्व माह में इन महिलाओं को आई टी आई में प्रशिक्षण सामग्री प्रदान की गई थी। जिसका परिणाम है कि महिलाएं वाहन चलाकर झाबुआ जिले में आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में अपना पहला कदम रखेंगी। जल्द ही हम महिलाओं को ऑटो रिक्शा एवं लोडिंग वाहन चलाते हुए देखेंगें। इससे जहां महिलाओं में आत्मविश्वास पैदा होगा वही पर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबुत बनाने में सक्षम होगां। इस तरह का प्रशिक्षण सत्र पूनः प्रारंभ किया जाएगा। जिसमें महिलाएं अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं।

इस ट्रेनिंग के लिए बड़ी संख्या में महिलाओं के आवेदन भी आयेंगे। इस दौरान अभ्यर्थियों को कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा। 18 वर्ष या इससे अधिक उम्र वाली इच्छुक महिलायें आवेदन फॉर्म मध्यप्रदेश शासन परिवहन विभाग www.mptransport.org की वेबसाइट से तथा शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्र संस्थान आईटीआई कॉलेज, इन्दौर नाका, धार से प्राप्त कर सकती हैं।

वैश्य ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम 30 दिवस का होगा जिसमें 155 घंटों का व्यावहारिक प्रशिक्षण (थ्योरी और प्रायोगिक) सम्मिलित होगा।


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आवेदिका इस आवेदन पत्र को संबंधित दस्तावेज – आधार कार्ड की छायाप्रति, गरीबी रेखा के राशन कार्ड की छायाप्रति, जाति प्रमाण पत्र, जन्म तिथि प्रमाण, पासपोर्ट साइज फोटो व अन्य कोई दस्तावेज जो आवेदिका प्रस्तुत करना चाहती हों संलग्न कर दिनांक एक जुलाई से 10 जुलाई की शाम पांच बजे तक बंद लिफाफे पर “अपना नाम, पता एवं विषय – महिला चालक प्रशिक्षण सत्र” लिखकर शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्र संस्थान, आईटीआई कॉलेज, इन्दौर नाका, धार के पते पर प्रेषित कर सकती हैं अथवा उपस्थित होकर जमा कर सकती हैं।



उक्त समयावाधि के पश्चात आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किये जायेंगे। निर्धारित तिथि तक आवेदन प्राप्त होने के पश्चात प्रथम चरण में कुल 30 पात्र महिलाओं का चयन साक्षात्कार या दस्तावेज के आधार पर या दोनों आधार पर नियमानुसार चयन समिति द्वारा वरीयता सूची जारी कर किया जायेगा। शेष महिलायें वरीयता क्रमानुसार प्रतीक्षा सूची मे रहेंगी।

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